रांची में नेत्र रोग विशेषज्ञों का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, आधुनिक उपचार तकनीकों पर मंथन

ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की पांचवीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस में देशभर के एक हजार से अधिक नेत्र चिकित्सक और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

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रांची में आयोजित नेत्र चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन करते अतिथि

रांची में ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की पांचवीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस-2026 शुरू हो गई है। शुक्रवार शाम स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने होटल बीएनआर में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोजकों के अनुसार, झारखंड में पहली बार हो रहे इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से एक हजार से अधिक नेत्र चिकित्सक और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

सम्मेलन के पहले दिन नेत्र रोगों के उपचार और सर्जरी से जुड़े कई वैज्ञानिक सत्र हुए। चुनौतीपूर्ण मामलों पर केंद्रित ‘जस्ट केसेस’ सत्र में अलग-अलग नेत्र विकारों के इलाज तथा शल्य चिकित्सा पर चर्चा की गई। रिफ्रैक्टिव सर्जरी की मास्टर क्लास भी आयोजित हुई, जिसमें संबंधित तकनीकों को विशेषज्ञों के सामने रखा गया।

सर्जरी के दौरान अचानक सामने आने वाली जटिलताओं और उनके समाधान पर वीडियो आधारित विशेष सत्र भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इसके अलावा मोतियाबिंद, कॉर्निया, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा के आधुनिक उपचार पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। लाइव सर्जरी, वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं और युवा चिकित्सकों के लिए निर्धारित सत्र भी आयोजित किए गए।

उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.पी. कश्यप और आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप उपस्थित रहे। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जीवन तितियाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहन राजन और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संतोष होनावर समेत कई वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन से झारखंड के चिकित्सकों को अगले दो दिनों तक नवीनतम शोध, तकनीक और उपचार पद्धतियों को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक प्रौद्योगिकी को जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

आयोजन समिति के अनुसार, सम्मेलन का लक्ष्य चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध और उपचार विधियों के आदान-प्रदान के साथ रांची की युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देना है। कार्यक्रम में वैज्ञानिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेषज्ञों को पुरस्कार भी दिए गए। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन राज्य में चिकित्सा शिक्षा और शोध को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होगा।