सिमडेगा जिले की बड़कादुइल पंचायत के नवागांव पहानटोली में सड़क के अभाव के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही 26 वर्षीय महिला को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण महिला को खटिया पर लेकर आधा किलोमीटर से अधिक पैदल चले और मुख्य सड़क पर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।
महिला की पहचान नवागांव पहानटोली निवासी विश्वासी तोपनो के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजनों ने बानो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी। स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस भेजी गई, लेकिन पहानटोली तक पहुंचने के लिए उपयुक्त सड़क नहीं होने के कारण वाहन को गांव से पहले ही रोकना पड़ा।
महिला की परेशानी बढ़ती देख ग्रामीणों ने उन्हें खटिया पर ले जाने का फैसला किया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मिलकर पैदल दूरी तय की और करीब 11 बजे उन्हें मुख्य सड़क पर इंतजार कर रही एंबुलेंस तक पहुंचाया। वहां से महिला को बानो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर करीब 12 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। चिकित्सक ने प्रसव के बाद मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ बताया। ग्रामीणों की मदद और एंबुलेंस से आगे की यात्रा समय पर पूरी होने के कारण महिला को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि नवागांव की मुख्य सड़क से पहानटोली तक समुचित पहुंच पथ नहीं बना है। उनके अनुसार, बस्ती तक पक्की सड़क तो दूर, एंबुलेंस जैसे वाहन के आने लायक कच्चा रास्ता भी उपलब्ध नहीं है। गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाते समय लोगों को ऐसी परेशानी का बार-बार सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने पहानटोली तक पहुंच पथ बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक यह इलाका हाथियों से प्रभावित है और मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर रहता है। ऐसे में आपात स्थिति की सूचना देने तथा समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने की चुनौती और बढ़ जाती है। यह घटना ग्रामीण सड़क संपर्क और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुरक्षित पहुंच की जरूरत को सामने लाती है।