रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित पांच दिवसीय दिवाली मेला मंगलवार को संपन्न हो गया। खरीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर केंद्रित इस आयोजन में स्थानीय महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे कुटीर उद्योगों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों के सामने रखने का अवसर मिला।
मेले में हस्तशिल्प, सजावटी और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के साथ पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे। कोहबर, सोहराई और मधुबनी चित्रकला तथा पारंपरिक परिधान भी प्रमुख आकर्षण रहे। स्थानीय समूहों ने अपने हाथ से तैयार सामान का प्रदर्शन करने के साथ उसकी बिक्री भी की।
आयोजन में झारखंड के अलावा देश के आठ से अधिक राज्यों से आए कारीगरों और महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न सरकारी संस्थानों और ब्रांडों के स्टॉल पर भी स्थानीय उत्पाद तथा महिला समूहों के काम प्रदर्शित किए गए। खराब मौसम के बावजूद पांच दिनों के दौरान खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही।
मेले का समापन पहले 2 नवंबर को निर्धारित था। संभावित बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए आयोजकों ने इसकी अवधि एक दिन बढ़ाकर 3 नवंबर कर दी। इसका उद्देश्य स्टॉल लगाने वाले विक्रेताओं को कारोबार के लिए पर्याप्त समय देना और मौसम से होने वाले संभावित नुकसान को कम करना था।
खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजन का हिस्सा रहीं। सितार और सरोद की जुगलबंदी, सुगम संगीत, नृत्य प्रस्तुतियों तथा कठपुतली शो के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया गया। इस तरह मेले में कारोबार, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया गया।
एसोसिएशन ने आयोजन के दौरान बच्चों की शिक्षा और पुस्तकालयों के लिए सहयोग भी दिया। आयोजकों के अनुसार, मेले का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे कारोबारियों को बाजार तथा ग्राहकों से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराना था। समापन के बाद कारोबारियों और महिला समूहों ने अपने स्टॉल समेट लिए।