रांची में मतदाता पंजीकरण पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 58 शोधपत्रों पर होगी चर्चा

एनयूएसआरएल रांची में 2 और 3 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के 15 सत्रों में मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक नामावली प्रबंधन और डिजिटाइजेशन सहित विभिन्न विषयों पर विमर्श होगा।

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रांची में मतदाता पंजीकरण और निर्वाचक नामावली पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी देते अधिकारी

रांची के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल) में 2 सितंबर से मतदाता पंजीकरण और निर्वाचक नामावली पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि सम्मेलन 2 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होकर 3 सितंबर को शाम 4 बजे तक चलेगा। उद्घाटन सत्र पहले दिन सुबह 10 से 11:30 बजे तक निर्धारित है।

सम्मेलन के दौरान कुल 15 सत्र आयोजित किए जाएंगे और विशेषज्ञ 58 शोधपत्रों पर विचार रखेंगे। आयोजन के लिए 230 शोधपत्र प्राप्त हुए थे। प्रारंभिक चयन में इनमें से 80 को स्वीकार किया गया, जिसके बाद विषय विशेषज्ञों ने अंतिम रूप से 58 शोधपत्रों को स्वीकृति दी।

आयोजन का उद्देश्य विभिन्न लोकतांत्रिक देशों तथा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अनुभवों और सुझावों पर मंथन करना है। चर्चा के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके जरिए निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने से जुड़े उपायों को सामने लाने का प्रयास होगा।

सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक नामावली के प्रबंधन, डिजिटाइजेशन, मतदाताओं की समावेशिता और लोकतांत्रिक भागीदारी से संबंधित विषय शामिल किए गए हैं। प्रशासनिक, कानूनी, सामाजिक, तकनीकी और अकादमिक पहलुओं के साथ व्यावहारिक चुनौतियों तथा बेहतर कार्यप्रणालियों पर भी विमर्श किया जाएगा।

इसमें चुनाव प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी, नीति-निर्माता, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, पत्रकार और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भाग लेंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड, एनयूएसआरएल, आईआईएम रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज के शिक्षाविदों एवं संस्थान प्रमुखों के साथ भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद समेत निर्वाचन क्षेत्र के विशेषज्ञों की भागीदारी निर्धारित है।

उद्घाटन सत्र में मतदाता पंजीकरण और निर्वाचक नामावली विषयक पुस्तक तथा सम्मेलन की स्मारिका का लोकार्पण भी किया जाएगा। सम्मेलन के नॉलेज पार्टनर के रूप में आईआईएम रांची, एनयूएसआरएल रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज जुड़े हैं। झारखंड को इस विषय पर शोध का दायित्व मिलने के बाद यह आयोजन किया जा रहा है।