रांची में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) का रेल नीर प्लांट स्थापित करने की तैयारी चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्लांट के लिए औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की व्यवस्था की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण से जुड़ा काम शुरू होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित इकाई झारखंड में रेल नीर का पहला प्लांट होगी। योजना अभी तैयारी के स्तर पर है और इसके शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। प्रक्रिया को रेलवे और राज्य सरकार की पहल से आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई है।
रांची में उत्पादन शुरू होने पर झारखंड के रेलवे स्टेशनों पर बोतलबंद पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। प्लांट से दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के ओडिशा और पश्चिम बंगाल स्थित स्टेशनों को भी रेल नीर भेजा जा सकेगा।
फिलहाल टाटानगर सहित चक्रधरपुर रेल मंडल के स्टेशनों के लिए रेल नीर भुवनेश्वर से आता है। इससे पहले दानापुर और बिलासपुर स्थित प्लांटों से भी इसकी आपूर्ति मंगाई जाती रही है। रांची में स्थानीय इकाई बनने पर दूसरे राज्यों के प्लांटों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई गई है।
आईआरसीटीसी ने पहले सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार से पत्राचार किया था। उस प्रस्ताव में चांडिल डैम को पानी की उपलब्धता के आधार के रूप में देखा गया था। बाद में प्लांट को रांची में स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई शुरू हुई।
दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य अरुण जोशी ने भी रांची में रेल नीर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया था। उपलब्ध विवरण में कहा गया है कि इकाई से रेलवे और राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। हालांकि जमीन की व्यवस्था, निर्माण और उत्पादन आरंभ होने से संबंधित आगे की औपचारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।