रांची में विजयादशमी के अवसर पर मोरहाबादी और अरगोड़ा मैदान में रावण दहन की तैयारियां चल रही हैं। मोरहाबादी में सबसे ऊंचा पुतला 70 फीट का होगा, जबकि अरगोड़ा में 60 फीट ऊंचे रावण का पुतला बनाया जा रहा है। टाटीसिलवे में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं, एचईसी के शालीमार बाजार मैदान का आयोजन इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है।
मोरहाबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से 70 फीट ऊंचा रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाथ तैयार कराया जा रहा है। मैदान में 24 फीट ऊंची सोने की लंका की प्रतिकृति भी बनाई जाएगी। पुतलों को तैयार करने का काम बंगाल के कारीगर कर रहे हैं।
मोरहाबादी के कार्यक्रम में रामलीला और रामदरबार के साथ भांगड़ा, छऊ तथा झारखंड की पारंपरिक नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। आयोजकों ने लेजर तकनीक से श्रीराम का तीर रावण की नाभि पर लगने का दृश्य दिखाने की योजना बनाई है। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का क्रमवार दहन होगा। आतिशबाजी लगभग आठ मिनट तक चलने की जानकारी दी गई है।
अरगोड़ा मैदान में श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति 60 फीट का रावण, 55 फीट का कुंभकर्ण और 50 फीट का मेघनाथ तैयार करा रही है। मौसम में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए तीनों पुतलों को वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है। यहां दहन की प्रक्रिया रिमोट से शुरू करने की व्यवस्था की गई है।
अरगोड़ा के पुतलों में आतिशबाजी की व्यवस्था भी रहेगी। समिति के अनुसार, मुख्य अतिथि के रिमोट का बटन दबाते ही दहन आरंभ होगा और रावण की आंखों से विशेष चिंगारी दिखाई देगी। यहां कार्यक्रम शाम चार बजे शुरू होने और सात बजे तक चलने का कार्यक्रम है।
मोरहाबादी के आयोजन पर करीब 25 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। आयोजक समिति को वहां एक लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। दोनों प्रमुख मैदानों में विशाल पुतलों के साथ तकनीक, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन का मुख्य आकर्षण बनाया जा रहा है।