रांची में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर संगठनों की वार्ता, कार्य बहिष्कार टालने के संकेत

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ झासा, आईएमए समेत 10 चिकित्सा संगठनों की बैठक हुई। अगली वार्ता शुक्रवार को होगी और पूजा के दौरान कार्य बहिष्कार टालने के संकेत मिले हैं।

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रांची में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक

रांची में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद पूजा के दौरान प्रस्तावित कार्य बहिष्कार टलने की संभावना बढ़ी है। सोमवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में झासा, आईएमए समेत 10 चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दोनों पक्षों ने वार्ता के रुख को सकारात्मक बताया है।

संयुक्त चिकित्सा मंच ने चिकित्सकों की मांगों को लेकर सोमवार से राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की रूपरेखा बनाई थी। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 20 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर काम करने, 21 अक्टूबर को सांकेतिक हड़ताल और 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की योजना थी। मंच के मुताबिक, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े करीब 20 हजार डॉक्टर इसमें शामिल होने वाले थे।

बैठक में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन प्रमुख मुद्दा रहा। डॉक्टर संगठनों ने अस्पतालों के लिए निर्धारित बिस्तरों की संख्या बदलने की मांग रखी। चर्चा के दौरान शहरी क्षेत्रों में 50 और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 बिस्तरों की सीमा तय रखने का प्रस्ताव भी सामने आया।

चिकित्सकों ने केंद्र सरकार और बिहार की व्यवस्था की तर्ज पर डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे समय पर वित्तीय लाभ और सेवा संबंधी प्रगति सुनिश्चित हो सकेगी। संगठनों ने मेडिकल कॉलेज परिसरों में डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा मजबूत करने और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट बनाने का विषय भी उठाया।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत दूसरे स्तर के शहरों में स्थित अस्पतालों के लिए अलग भुगतान दर निर्धारित करने का आग्रह भी किया गया। अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा दूसरी मांगों पर नियमों के अनुसार विचार और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।

शेष मुद्दों पर बातचीत के लिए शुक्रवार को फिर बैठक बुलाई गई है। चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि पूजा के माहौल में कार्य बहिष्कार टालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों के इलाज और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े। हालांकि आंदोलन के कार्यक्रम में बदलाव पर अंतिम स्थिति अगली वार्ता के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।