झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने गुरुवार को 40 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी। अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचे कर्मचारी नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मुख्यालय के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस चरणबद्ध आंदोलन के कारण राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा प्रभावित हुई है।
आंदोलनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराना शामिल है। वे बर्खास्त कर्मचारियों की दोबारा बहाली और लंबित वेतन के भुगतान की भी मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया है। उनकी मांगों में कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सुविधा के साथ ओवरटाइम, ग्रेच्युटी तथा न्यूनतम वेतन का प्रावधान लागू करना शामिल है।
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी के अनुसार, प्रस्तावित आंदोलन की सूचना एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली एजेंसी, स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पहले ही दे दी गई थी। संघ का कहना है कि मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता चुना।
संघ ने चेतावनी दी है कि 40 घंटे की हड़ताल के बाद भी समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा। कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कही है। संघ ने फिलहाल इस प्रस्तावित कार्यक्रम पर कायम रहने की जानकारी दी है।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, झारखंड में करीब 543 एम्बुलेंस 108 सेवा के तहत मरीजों के लिए संचालित हैं। इनमें लगभग 500 एम्बुलेंस के परिचालन की जिम्मेदारी सम्मान फाउंडेशन के पास है। मौजूदा हड़ताल का असर राज्यव्यापी सेवा पर बताया गया है, जबकि आंदोलन का केंद्र रांची का नामकुम है।