रांची के नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के बाहर शुक्रवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से वार्ता भी की। बातचीत में एक मांग पर सहमति बनी, लेकिन दो अन्य मुद्दों का समाधान नहीं निकलने पर संघ ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।
वार्ता में कर्मचारियों ने एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही मौजूदा एजेंसी सम्मान फाउंडेशन को हटाने की मांग रखी। स्वास्थ्य मंत्री ने छठ महापर्व से पहले नई एजेंसी बहाल करने की घोषणा की और अधिकारियों को इससे जुड़ी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों से सीधे जुड़ी एम्बुलेंस सेवा के संचालन में व्यवधान नहीं होना चाहिए।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने आरोप लगाया कि कर्मियों को जुलाई 2026 से वेतन नहीं मिला है। दूसरी ओर, संबंधित कंपनी का दावा है कि अगस्त तक भुगतान किया जा चुका है और उसने इसके समर्थन में भुगतान विवरण भी प्रस्तुत किया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मंत्री ने अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने का निर्देश दिया कि किन कर्मचारियों का वेतन लंबित है।
संघ ने श्रम विभाग के निर्देशों के पालन पर भी सवाल उठाए। उसका आरोप है कि कंपनी का टेंडर निरस्त करने का आदेश जारी होने के बाद भी उसी एजेंसी से सेवा संचालित कराई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि एजेंसी बदलने के साथ उनकी लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय होना आवश्यक है।
कर्मचारियों ने 108 एम्बुलेंस सेवा को सिविल सर्जन के अधीन संचालित करने की मांग भी रखी। उनका तर्क था कि इससे नौकरी की सुरक्षा और सेवा व्यवस्था बेहतर हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह मांग स्वीकार नहीं की और बताया कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालन एजेंसी के माध्यम से ही होगा। खराब एम्बुलेंस की मरम्मत पर सिविल सर्जन के जरिए राशि खर्च करने की व्यवस्था को उन्होंने अलग विषय बताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों से हड़ताल से बचने की अपील करते हुए सेवा बाधित होने पर मरीजों को होने वाली परेशानी का उल्लेख किया। फिलहाल नई एजेंसी की बहाली और वेतन संबंधी दस्तावेजों की जांच पर आगे की कार्रवाई होनी है। संघ की घोषित समयसीमा के कारण 21 अक्टूबर से पहले शेष मांगों पर होने वाला निर्णय राज्य की आपात एम्बुलेंस व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।