रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में गुरुवार को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात होने की भी संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार कर चुका है। इसी मौसमी प्रणाली के प्रभाव से झारखंड में नमी बढ़ी है और मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। राज्य में बुधवार को भी व्यापक बारिश दर्ज की गई थी।
पिछले 24 घंटों में चांडिल में सबसे अधिक 50.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 35 मिलीमीटर वर्षा हुई। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, चतरा, पलामू और गढ़वा के लिए यलो अलर्ट की सूचना दी गई है।
मौसम संबंधी आकलन के अनुसार 25 सितंबर को हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा, पलामू और गढ़वा में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता घट सकती है, हालांकि 26 और 27 सितंबर को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा बादल बने रहने का अनुमान है।
रांची में अब तक 1084.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो 995.9 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा से नौ प्रतिशत अधिक है। पूरे झारखंड में अब तक 900.1 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह राज्य की 977.3 मिलीमीटर सामान्य वर्षा के मुकाबले आठ प्रतिशत कम है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में तीन से पांच डिग्री तक गिरावट आने की संभावना बताई गई है।
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार मौजूदा बारिश से धान की फसल को लाभ मिल सकता है, क्योंकि कई क्षेत्रों में धान की बालियां निकल रही हैं। वहीं उड़द, मक्का और लत्तर वाली सब्जियों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों को ऊपरी भूमि पर लगाई गई फसलों के खेतों में जलजमाव नहीं होने देने की सलाह दी गई है।