रांची समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की भी आशंका

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हैं। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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रांची में बादलों और बारिश के बीच सड़क से गुजरते वाहन

रांची समेत झारखंड के 16 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार कर चुका है, लेकिन इसका असर राज्य के मौसम पर दिखाई दे रहा है। बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात की भी आशंका है।

रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, चतरा, पलामू और गढ़वा को यलो अलर्ट के दायरे में रखा गया है। उपलब्ध विवरण में रामगढ़ का नाम दो बार दर्ज है, इसलिए जिलों की कुल संख्या स्रोत में 16 बताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान चांडिल में सबसे अधिक 50.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 35 मिलीमीटर वर्षा हुई। रांची में अब तक 1,084.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो 995.9 मिलीमीटर की सामान्य मात्रा से नौ प्रतिशत अधिक है।

पूरे झारखंड में अब तक 900.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। यह 977.3 मिलीमीटर की सामान्य बारिश से आठ प्रतिशत कम बताई गई है। मौसम की मौजूदा गतिविधियों के कारण तापमान में तीन से पांच डिग्री तक गिरावट आने की संभावना भी जताई गई है।

शुक्रवार, 25 सितंबर को हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा, पलामू और गढ़वा में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की तीव्रता घटने का अनुमान है, हालांकि 26 और 27 सितंबर को भी राज्य में बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी।

बारिश को धान की फसल के लिए लाभकारी बताया गया है, क्योंकि कई क्षेत्रों में धान की बालियां निकल रही हैं। वहीं उड़द, मक्का और लत्तर वाली सब्जियों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों को ऊपरी भूमि पर लगाई गई फसलों के खेतों में जलजमाव नहीं होने देने की सलाह दी गई है।