सिलफोड़ी पंचायत में घर-घर सर्वे, 13 परिवारों को योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी

पश्चिमी सिंहभूम में चल रहे 60 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत सिलफोड़ी पंचायत में 13 परिवारों से संपर्क कर उनकी जरूरतों का विवरण जुटाया गया।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे 60 दिवसीय मेगा विधिक जागरूकता अभियान के तहत चक्रधरपुर प्रखंड की सिलफोड़ी पंचायत में घर-घर सर्वे किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के साथ नि:शुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता और उससे जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।

यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। सिलफोड़ी पंचायत में अधिकार मित्र पिंकी बोदरा, कर्ण कुंभकार और अनिता बोदरा ने ग्रामीण परिवारों से सीधे संपर्क किया।

सर्वे के दौरान तीनों अधिकार मित्रों ने 13 परिवारों का भ्रमण किया। उन्होंने वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड और श्रम कार्ड से संबंधित जानकारी साझा की। ग्रामीणों को इन योजनाओं के दायरे और उनसे जुड़ने के उपलब्ध माध्यमों से अवगत कराया गया।

परिवारों को आयुष्मान भारत, अबुआ आवास, मंईयां सम्मान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला और पशुधन योजना समेत अन्य सरकारी कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ऐसे परिवारों की पहचान की गई, जो पात्रता या जरूरत के बावजूद संबंधित सुविधाओं से वंचित हैं।

अधिकार मित्रों ने वंचित परिवारों का विवरण संकलित करने के बाद उन्हें संबंधित विभागों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। सर्वे और संपर्क अभियान की रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चाईबासा कार्यालय को भेजी गई है, ताकि संकलित मामलों पर आगे की प्रक्रिया हो सके।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। पंचायत स्तर पर घर-घर संपर्क के माध्यम से ग्रामीणों को उपलब्ध सहायता की जानकारी देने के साथ उनकी जरूरतों का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है।