सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड में बीमारी के कारण पढ़ाई से दूर हुई कक्षा सात की एक छात्रा को फिर विद्यालय से जोड़ दिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के हस्तक्षेप और शिक्षा विभाग के सहयोग से उसका कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राजनगर में दोबारा नामांकन कराया गया।
छात्रा खोकरो गोविंदपुर गांव की रहने वाली है। उसका नामांकन पहले से इसी आवासीय विद्यालय में था, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह लंबे समय तक कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो सकी। लगातार अनुपस्थिति से उसकी पढ़ाई बाधित हो गई और विद्यालय लौटने की प्रक्रिया भी सहज नहीं रही।
छात्रा के माता-पिता ने उसे दोबारा विद्यालय में दाखिल कराने का प्रयास किया, मगर उन्हें प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। ऐसे में बीमारी से उपजी शैक्षणिक रुकावट लंबी होने की स्थिति बन गई थी। मामला सामने आने के बाद संस्थागत स्तर पर पहल शुरू हुई।
इस परिस्थिति की जानकारी पैरा लीगल वॉलंटियर रविकांत भगत को मिली। उन्होंने छात्रा और उसके परिवार की समस्या से डालसा के सचिव को अवगत कराया। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर पुनः नामांकन के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
डालसा और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास के बाद छात्रा को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में उसी कक्षा सात में फिर प्रवेश मिल गया। इससे उसके लिए बाधित पढ़ाई को नियमित रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। नामांकन की समस्या हल होने से अब वह विद्यालयी शिक्षा से दोबारा जुड़ सकेगी।
यह पहल बीमारी या दूसरी परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले बच्चों को शिक्षा व्यवस्था से फिर जोड़ने में विभागीय समन्वय की उपयोगिता दिखाती है। इस मामले में परिवार की कठिनाई की सूचना संबंधित संस्थाओं तक पहुंचने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने से छात्रा की पढ़ाई जारी रखने की बाधा दूर हुई।