दुमका के सरकारी स्कूलों के लिए बन रहा संथाली-हिंदी एआई अनुवाद ऐप

प्रोजेक्ट दीप के तहत तैयार हो रहा ऐप संथाली और हिंदी के बीच दोतरफा अनुवाद करेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के संवाद में भाषा की बाधा कम करना है।

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दुमका जिला प्रशासन सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले संथाली भाषी विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अनुवाद ऐप तैयार करा रहा है। प्रोजेक्ट दीप के तहत विकसित किए जा रहे इस ऐप में संथाली से हिंदी और हिंदी से संथाली में अनुवाद की सुविधा देने की योजना है।

इस पहल का प्रमुख उद्देश्य कक्षा में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच भाषा के कारण आने वाली संवाद संबंधी कठिनाइयों को कम करना है। जिले के कई विद्यालयों में ऐसे बच्चे पढ़ते हैं जो शुरुआती स्तर पर मुख्य रूप से संथाली समझते हैं। हिंदी माध्यम से पढ़ाई होने पर उनके लिए शिक्षक की बात समझना कठिन हो सकता है।

प्रस्तावित ऐप के माध्यम से विद्यार्थी अपनी बात संथाली में रख सकेंगे और शिक्षक उसका हिंदी रूप समझ पाएंगे। इसी तरह शिक्षक की हिंदी में कही गई बात का संथाली अनुवाद बच्चों तक पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे कक्षा में दोनों पक्षों के बीच संवाद अधिक सहज हो सकेगा।

ऐप को खास तौर पर विद्यालय आने के प्रारंभिक वर्षों में हिंदी समझने में परेशानी का सामना करने वाले बच्चों के लिए सहायक माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह शिक्षकों की जगह लेने के बजाय पढ़ाई के दौरान भाषा संबंधी अंतर को कम करने वाले उपकरण की भूमिका निभाएगा।

परियोजना का एक उद्देश्य विद्यार्थियों को धीरे-धीरे हिंदी भाषा से परिचित कराना भी है। संथाली और हिंदी के बीच सरल अनुवाद उपलब्ध होने से बच्चे हिंदी के शब्दों तथा वाक्यों को समझने और सीखने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे उनके लिए पाठ्य सामग्री और कक्षा की गतिविधियों से जुड़ना आसान होने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन की यह पहल स्थानीय भाषा को आधार बनाकर विद्यालयी शिक्षा तक बच्चों की पहुंच बेहतर करने पर केंद्रित है। ऐप अभी निर्माण की प्रक्रिया में है। उपलब्ध विवरण में इसके आरंभ की तारीख, तकनीकी विशेषताओं या इसे किन विद्यालयों में पहले लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।