राजनगर में 16 से 22 अक्टूबर तक दुर्गोत्सव, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

राजनगर प्रखंड के ब्लॉक मैदान और कई गांवों में दुर्गापूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। छह दिवसीय आयोजन में पूजा-अर्चना, फुटबॉल, आदिवासी नाटक और रावण दहन शामिल हैं।

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सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड में दुर्गोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राजनगर ब्लॉक मैदान के साथ ईचा, एदल, बड़ा कुनाबेड़ा, सोसोमली, रांजड़, गोलोकुटुंग, बड़ा कांकी और सिजुलता में पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं। मूर्तिकार दुर्गा प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

राजनगर सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अनुसार, इस बार धार्मिक अनुष्ठानों के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम में जगह दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। पंडाल निर्माण का काम पूरा करने के लिए कारीगर लगातार काम कर रहे हैं।

छह दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 16 अक्टूबर को बेलवरण की रस्म से होगी। इसके अगले दिन पूजा-अर्चना की जाएगी। 18 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ सप्तमी पूजा संपन्न कराने का कार्यक्रम तय किया गया है।

महाअष्टमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित होगी। उसी रात ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम भी रखा गया है। 20 अक्टूबर को महानवमी की पूजा के साथ फुटबॉल प्रतियोगिता जारी रहेगी और आदिवासी नाटक का मंचन किया जाएगा।

उत्सव के अगले चरण में 21 अक्टूबर की शाम छह बजे रावण दहन का आयोजन होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ खेल, संगीत और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुति को जोड़ते हुए समिति ने अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी वाला कार्यक्रम तैयार किया है।

दुर्गोत्सव का समापन 22 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा। समिति की तय रूपरेखा के अनुसार, उस दिन दोपहर दो बजे मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन से पहले पंडाल, प्रतिमा और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।