रानीघाघर में दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू, समिति ने बांटी आयोजन की जिम्मेदारियां

मसलिया प्रखंड के रानीघाघर गांव में दुर्गा पूजा समिति ने बैठक कर पंडाल, रोशनी, प्रसाद वितरण, स्वच्छता और विसर्जन की तैयारियों पर चर्चा की।

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दुमका जिले के मसलिया प्रखंड स्थित रानीघाघर गांव में शारदीय दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को दुर्गा पूजा समिति की बैठक में इस वर्ष के आयोजन की रूपरेखा पर विचार किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष भरत चंद्र पाल ने की और इसमें समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

बैठक में पूजा पंडाल के निर्माण और प्रकाश व्यवस्था को प्रमुख तैयारियों में रखा गया। समिति ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराने तथा आयोजन को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक बनाने का निर्णय लिया। इन व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए अलग-अलग कामों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण और भक्ति जागरण आयोजित करने की भी योजना है। विजयादशमी के दिन गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। बैठक में आयोजन के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर सहमति बनी।

समिति ने भीड़ के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने, आयोजन स्थल की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विचार किया। तैयारियों में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया। हालांकि उपलब्ध विवरण में अलग-अलग सदस्यों को सौंपे गए कार्यों की सूची नहीं दी गई है।

समिति अध्यक्ष भरत चंद्र पाल के अनुसार, रानीघाघर में पिछले दो वर्षों से दशहरा के अवसर पर दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है। उन्होंने आयोजन के विस्तार में ग्रामीणों के सहयोग और उत्साह को महत्वपूर्ण बताया। इस बार भी समिति स्थानीय भागीदारी के सहारे पूजा की सभी प्रस्तावित व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी में है।