रामगढ़ पुलिस केंद्र में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय अकरम रजा की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इसमें जिले के सभी थाना प्रभारी और अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को याद किया। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना और सम्मान भी व्यक्त किया गया।
पुलिस संस्मरण दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन देशभर में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके साहस, सेवा तथा कर्तव्यनिष्ठा का स्मरण किया जाता है।
कार्यक्रम में साझा किए गए विवरण के अनुसार, एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में झारखंड के तीन पुलिसकर्मी भी शहीद हुए। इनमें हेमंत भगत, सुनील राम और संतान कुमार मेहता शामिल हैं। उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने राज्य के इन तीनों जवानों समेत देश के अन्य शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में बिहार के 12 और मध्य प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के नौ-नौ पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य के दौरान जान गंवाई। असम, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में छह-छह, जबकि कर्नाटक, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में पांच-पांच पुलिसकर्मी शहीद हुए।
केंद्रीय सुरक्षा बलों में सीमा सुरक्षा बल के 25, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के नौ, रेलवे सुरक्षा बल के आठ, असम राइफल्स के छह, सशस्त्र सीमा बल के पांच, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के चार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवानों का बलिदान दर्ज किया गया। अकरम रजा ने इस अवसर को शहीद जवानों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने का दिन बताया।