रामगढ़ में अवैध खनन पर निगरानी तेज, खनिज ढोने वाले सभी वाहनों में जीपीएस का निर्देश

जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध मुहानों, बालू परिवहन और कारखानों की जांच की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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रामगढ़ जिले में अवैध खनन और बालू के गैरकानूनी परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया है। समाहरणालय सभाकक्ष में शनिवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत भी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई और पहले जारी निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। जिला खनन पदाधिकारी निशांत अभिषेक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों को चल रही कार्रवाई की जानकारी दी। उपायुक्त ने प्रवर्तन संबंधी कदमों को अधिक प्रभावी बनाने को कहा।

अवैध खनन वाले मुहानों को बंद करने की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि किसी अवैध मुहाने से खनन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पहले बंद किए गए मुहानों को सुरक्षित तरीके से बंद रखने का निर्देश भी दिया गया, ताकि वहां दोबारा खनन शुरू न हो सके।

खनिजों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों में जीपीएस लगाना सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अवैध बालू परिवहन के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने तथा मामला सामने आने पर कार्रवाई करने का निर्देश मिला।

प्रशासन ने जिले में संचालित कारखानों और फैक्ट्रियों की सघन जांच कराने का निर्देश भी दिया। जांच के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली संस्थाओं को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।

बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा विभिन्न परियोजनाओं के महाप्रबंधक, अंचल अधिकारी तथा थाना प्रभारी शामिल हुए। टास्क फोर्स की समीक्षा में अवैध खनन के स्रोत, खनिज परिवहन और औद्योगिक इकाइयों की जांच—तीनों स्तरों पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।