रामगढ़ में अवैध खनन पर 91 मामले, 56.67 लाख रुपये की वसूली

जिला खनन कार्यालय के जांच प्रतिवेदन के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 48 वाहन पकड़े गए, 42 प्राथमिकी दर्ज हुईं और 258 अवैध खदान मुहाने बंद कराए गए।

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रामगढ़ जिले में अवैध खनन, खनिजों के गैरकानूनी परिवहन और भंडारण के खिलाफ वर्ष 2026 में अब तक 91 मामले सामने आए हैं। जिला खनन कार्यालय के जांच प्रतिवेदन के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 48 वाहन पकड़े गए और 42 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रशासन ने इन कार्रवाइयों से 56.67 लाख रुपये की वसूली भी की है।

जिले में इस अभियान की जिम्मेदारी जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स संभाल रही है। उपायुक्त की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स की बैठकों में कार्रवाई की नियमित समीक्षा किए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट बताती है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

कोयले के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों में भी अलग से कार्रवाई दर्ज की गई है। वर्ष के दौरान अब तक 18 वन वाद दर्ज हुए हैं। इस क्रम में पांच वाहन जब्त किए गए, जबकि अवैध रूप से भंडारित 262 टन कोयला पकड़ा गया।

जिले के अलग-अलग इलाकों में चिह्नित अवैध कोयला खदानों के मुहानों को बंद करने का अभियान भी चलाया गया। प्रतिवेदन के अनुसार, अब तक 258 अवैध मुहानों की भराई कराई जा चुकी है। कार्रवाई के दौरान कुल 2050.70 टन कोयला जब्त किए जाने का आंकड़ा भी दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई का दायरा दिखाते हैं। इसके साथ ही बंद कराए गए मुहानों की आगे निगरानी और नए अवैध ठिकानों की पहचान अहम बनी हुई है। प्रशासन की अगली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि भरे गए खदान मुहाने दोबारा न खोले जाएं और अवैध परिवहन तथा भंडारण पर लगातार नजर बनी रहे।

अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान होने के साथ असुरक्षित खदानों में जान-माल का खतरा भी रहता है। खदान मुहानों की भराई, वाहन और कोयले की जब्ती तथा प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाइयां इसी व्यापक अभियान का हिस्सा हैं। जिला स्तर पर दर्ज मामलों और वसूली की समीक्षा टास्क फोर्स के माध्यम से जारी है।