रामगढ़ में बाबा गणिनाथ जयंती समारोह, समाज की एकता और शिक्षा पर दिया जोर

गणिनाथ धर्मशाला में आयोजित 59वें जयंती समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन से हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम, वैवाहिक परिचय सत्र और सम्मान समारोह भी आयोजित किए गए।

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रामगढ़ के गणिनाथ धर्मशाला में बाबा गणिनाथ जयंती समारोह में उपस्थित अतिथि और समाज के लोग

रामगढ़ के गणिनाथ धर्मशाला में मध्यदेशीय वैश्य समिति की ओर से कुलगुरु बाबा गणिनाथ की 59वीं जयंती मनाई गई। समारोह में रामगढ़ के साथ कोयलांचल और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। आयोजन के दौरान सामाजिक एकता, शिक्षा, भाईचारे और सामूहिक प्रगति का संदेश दिया गया।

समारोह का शुभारंभ समाज के प्रतीक अभ्युदय ध्वज के ध्वजारोहण से हुआ। ध्वजारोहण समिति के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व अध्यक्ष गणेश प्रसाद गुप्ता ने किया। इसके बाद सांसद मनीष जायसवाल, गणेश प्रसाद गुप्ता, डोमन प्रसाद गुप्ता और समिति अध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की।

गणेश वंदना के बाद वैवाहिक परिचय सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कई युवक-युवतियों ने अपना परिचय प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण में अध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने संस्था के इतिहास, उसके कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में चित्तरपुर, रजरप्पा प्रोजेक्ट, घाटो, अरगड्डा, रेलीगढ़ा, मांडू, रांची रोड और सरूबेड़ा से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

मुख्य अतिथि सांसद मनीष जायसवाल ने समाज में एकता, भाईचारा, शिक्षा और सामाजिक विकास पर जोर दिया। उन्होंने संगठित होकर आगे बढ़ने को समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी आपसी सहयोग के माध्यम से सामाजिक विकास को मजबूत करने की आवश्यकता पर बात की।

आयोजन के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों के साथ महिला मंच और युवा मंच के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सदस्यों में गणेश प्रसाद गुप्ता, डोमन गुप्ता, बजरंग गुप्ता, अशोक गुप्ता, सुबोध गुप्ता और जितेंद्र प्रसाद शामिल थे। महिला मंच की सुषमा गुप्ता, आराधना राज व बिनीता गुप्ता तथा युवा मंच के आशीष गुप्ता, रोहित कुमार, विक्रांत गुप्ता और अनुराग गुप्ता को भी सम्मान मिला।

समिति अध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने सांसद मनीष जायसवाल को प्रतीक चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन बिनीता गुप्ता ने किया। समापन पर उपस्थित लोगों ने बाबा गणिनाथ के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज की एकता और प्रगति को मजबूत करने का संकल्प लिया।