रामगढ़ में बार-बार बिजली कटौती से अस्पताल, पैथोलॉजी और कारोबार प्रभावित

रामगढ़ जिले में बिजली की लगातार आवाजाही से मरीजों, जांच केंद्रों और बिजली पर निर्भर व्यवसायों को परेशानी हो रही है। जनरेटर के इस्तेमाल से कारोबारियों का खर्च भी बढ़ा है।

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रामगढ़ में बिजली कटौती के दौरान हाथ से काम करता कर्मचारी

रामगढ़ जिले में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ अस्पतालों, पैथोलॉजी जांच केंद्रों और विभिन्न व्यवसायों का काम प्रभावित हो रहा है। दिन में कई बार बिजली आने-जाने के कारण उमस और गर्मी के बीच लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

अस्पतालों में बिजली गुल होने पर पंखे और दूसरे विद्युत उपकरण बंद हो जाते हैं। इससे मरीजों तथा उनके साथ आए परिजनों को गर्मी का सामना करना पड़ता है। बिजली पर निर्भर जरूरी काम भी आपूर्ति बहाल होने तक प्रभावित रहते हैं।

पैथोलॉजी केंद्रों के सामने अलग तरह की चुनौती है। जांच में उपयोग होने वाले कई उपकरण बिजली से चलते हैं। लंबे समय तक आपूर्ति नहीं रहने या बार-बार बाधित होने की स्थिति में मरीजों से लिए गए नमूनों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने में देरी हो रही है।

बिजली पर निर्भर दुकानों और प्रतिष्ठानों में भी नियमित कामकाज बनाए रखना मुश्किल हो गया है। आपूर्ति बंद होते ही जनरेटर चलाना और बिजली लौटने पर उसे बंद करना पड़ता है। जनरेटर का लगातार इस्तेमाल ईंधन की खपत और संचालन खर्च बढ़ा रहा है।

लोहे और एल्युमिनियम से जुड़े काम करने वाले व्यवसायियों पर कटौती का सीधा असर बताया गया है। मशीनें नहीं चलने पर कामगारों को कई घंटों तक खाली बैठना पड़ रहा है। वैकल्पिक बिजली व्यवस्था नहीं होने पर कुछ काम हाथ से करना पड़ता है, जबकि ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरे करने में भी कठिनाई आ रही है।

एल्युमिनियम की खिड़की-दरवाजे बनाने वाले विकास राणा के मुताबिक हाल के दिनों में कटौती इतनी बढ़ी है कि उन्हें प्रतिदिन जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। लगातार बाधित आपूर्ति के बीच उपभोक्ताओं को गर्मी से राहत, स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित संचालन और कारोबारियों को समय पर काम पूरा करने में दिक्कत हो रही है।