रामगढ़ होमगार्ड बहाली में महिला अभ्यर्थियों की दौड़, RFID और ड्रोन से निगरानी

सिदो-कान्हू मैदान में बहाली परीक्षा के दूसरे दिन दुलमी प्रखंड की महिला अभ्यर्थियों ने छह चरणों में दौड़ पूरी की। समय दर्ज करने के लिए RFID और निगरानी के लिए कैमरे व ड्रोन लगाए गए हैं।

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रामगढ़ के सिदो-कान्हू मैदान में होमगार्ड बहाली की शारीरिक दक्षता परीक्षा

रामगढ़ के सिदो-कान्हू मैदान में रविवार को होमगार्ड बहाली की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दूसरे दिन दुलमी प्रखंड की महिला अभ्यर्थियों ने दौड़ में भाग लिया। परीक्षा सुबह पांच बजे शुरू हुई और महिला अभ्यर्थियों की दौड़ छह चरणों में पूरी कराई गई। इससे एक दिन पहले, 24 अक्टूबर को, इसी प्रखंड के पुरुष अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई थी।

बहाली प्रक्रिया में दौड़ का समय दर्ज करने के लिए अभ्यर्थियों के पैरों में RFID उपकरण लगाए गए हैं। इसके माध्यम से दौड़ शुरू करने और निर्धारित दूरी पूरी करने का समय अपने आप रिकॉर्ड हो रहा है। प्रशासन के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य समय की गणना को सटीक रखने के साथ सभी अभ्यर्थियों के मूल्यांकन में समान प्रक्रिया अपनाना है।

शारीरिक मानकों की जांच में भी डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। निर्धारित नियमों के आधार पर अभ्यर्थियों की लंबाई मापी जा रही है, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप भी प्रक्रिया का हिस्सा है। परीक्षा के दूसरे दिन तक बहाली से जुड़ी आधे से अधिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

मैदान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज के मुताबिक, इन तकनीकी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए किया जा रहा है।

परीक्षा स्थल पर जिला प्रशासन और पुलिस बल के अधिकारी तैनात हैं। परिसर में केवल वैध प्रवेश पत्र रखने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। बाहरी व्यक्तियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर रोक रखी गई है, ताकि परीक्षा के संचालन में किसी तरह की बाधा या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

अभ्यर्थियों के लिए मैदान में पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी बहाली निर्धारित नियमों और शारीरिक मानकों के अनुसार कराई जा रही है, जिससे प्रत्येक अभ्यर्थी को अपनी योग्यता प्रदर्शित करने का समान अवसर मिल सके।