रिम्स डेंटल कॉलेज में बीडीएस की 63 सीटों को मिली स्थायी संबद्धता

रांची विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से रिम्स डेंटल कॉलेज की 63 बीडीएस सीटों को स्थायी संबद्धता दी है। कॉलेज में पहली बार 27 एमडीएस सीटों पर भी नामांकन चल रहा है।

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रांची स्थित रिम्स डेंटल कॉलेज में बीडीएस की स्थायी संबद्धता से जुड़ी खबर

रांची विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से रिम्स डेंटल कॉलेज के बीडीएस पाठ्यक्रम की 63 सीटों के लिए स्थायी संबद्धता प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद कॉलेज को संबद्धता जारी रखने के लिए हर वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं करनी पड़ेगी।

स्थायी संबद्धता के लिए कॉलेज की ओर से कई वर्षों से प्रयास किया जा रहा था। अब तक संस्थान को प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण के लिए 65 हजार रुपये जमा करने पड़ते थे। नई व्यवस्था से इस शुल्क के साथ नवीनीकरण में लगने वाले समय, कागजी कार्रवाई और अन्य संसाधनों की भी बचत होगी।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने इस निर्णय को संस्थान और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनके अनुसार, सालाना नवीनीकरण की बाध्यता समाप्त होने से बीडीएस पाठ्यक्रम की शैक्षणिक व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी और कॉलेज के आगे के विकास में सहायता होगी।

रिम्स डेंटल कॉलेज में इसी अवधि में पहली बार एमडीएस की 27 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हुई है। इनमें राज्य कोटे के लिए 13 और अखिल भारतीय कोटे के लिए 14 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों पर अभी प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।

एमडीएस की सीटों को नौ विशेषज्ञता वाले विभागों में बांटा गया है और प्रत्येक विभाग में तीन सीटें हैं। इनमें ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, प्रोस्थोडॉन्टिक्स, पीरियोडॉन्टिक्स, कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडॉन्टिक्स, पेडोडॉन्टिक्स, ऑर्थोडॉन्टिक्स, ओरल पैथोलॉजी और पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री शामिल हैं।

कॉलेज में अब बीडीएस की 63 और एमडीएस की 27 सीटें उपलब्ध हैं। एमडीएस की पढ़ाई शुरू होने से झारखंड में दंत चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों को राज्य के भीतर ही अतिरिक्त अवसर मिलेगा। बीडीएस की स्थायी संबद्धता और स्नातकोत्तर नामांकन की शुरुआत को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।