लातेहार का 6.70 मीट्रिक टन जीराफूल चावल गुड़गांव-दिल्ली के बाजार के लिए रवाना

जिला प्रशासन की पहल से महुआडांड़ एफपीसी का जीराफूल चावल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘किसान से’ के माध्यम से बड़े बाजार में भेजा गया है।

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लातेहार से जीराफूल चावल की 6.70 मीट्रिक टन खेप गुड़गांव-दिल्ली के लिए रवाना

लातेहार के स्थानीय कृषि उत्पाद जीराफूल चावल को गुड़गांव और दिल्ली के बाजार तक पहुंचाने की पहल की गई है। सोमवार को समाहरणालय परिसर से 6.70 मीट्रिक टन चावल लेकर जा रहे वाहन को रवाना किया गया। इस खेप को बड़े बाजार से जोड़कर किसानों के लिए बिक्री के नए अवसर तैयार करने का प्रयास है।

उपायुक्त संदीप कुमार, उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद और जेएसएलपीएस के डीपीएम संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से वाहन को हरी झंडी दिखाई। चावल की यह खेप महुआडांड़ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से भेजी गई है। इसके विपणन के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘किसान से’ का उपयोग किया गया है।

इस पहल में लातेहार जिला प्रशासन और डीएमएफटी फंड का सहयोग मिला है। प्रशासन के अनुसार, इसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को उनके उत्पाद के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि उपज का उचित मूल्य मिलने और उनकी आय बढ़ने की संभावना मजबूत हो सके।

जीराफूल चावल लातेहार जिले का प्रसिद्ध स्थानीय कृषि उत्पाद है। इसे गुड़गांव-दिल्ली जैसे बड़े बाजार तक पहुंचाने से जिले के इस विशिष्ट उत्पाद को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही, बाजार का दायरा बढ़ने पर इससे जुड़े किसानों के सामने अतिरिक्त विपणन विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के जरिए किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि संगठित विपणन से बिचौलियों की भूमिका कम करने और किसानों को उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायता मिल सकती है। स्थानीय उपज के मूल्यवर्धन को भी इस प्रयास का अहम हिस्सा बताया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए ऐसी पहल आगे भी जारी रखी जाएगी। किसानों को संगठित करने, उनके उत्पादों के विपणन का विस्तार करने और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।