लातेहार प्रखंड के किनामाड़ में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की सहायता से स्थापित मॉडल डेयरी स्थानीय रोजगार और दूध उत्पादन का केंद्र बन रही है। केंद्रीय विद्यालय जाने वाले मार्ग पर संचालित इस डेयरी में फिलहाल 10 गायें हैं। इनसे होने वाली दूध बिक्री का मासिक मूल्य करीब एक लाख रुपये तक पहुंच रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक गाय से प्रतिदिन औसतन छह से सात किलोग्राम दूध मिल रहा है। इस आधार पर डेयरी का कुल दैनिक उत्पादन 60 से 70 किलोग्राम है। स्थानीय बाजार में दूध 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता है।
उत्पादन और बिक्री के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, डेयरी से हर दिन लगभग तीन हजार से 3,500 रुपये का दूध बाजार पहुंचता है। पूरे महीने की गणना करने पर बिक्री का मूल्य 90 हजार से 1.05 लाख रुपये के बीच बैठता है। यह राशि कुल बिक्री की है; रिपोर्ट में संचालन लागत या शुद्ध आय का अलग विवरण नहीं दिया गया है।
डेयरी के संचालन में कढ़ीमा गांव के फुनेश्वर यादव और सबानो गांव के शनि उरांव जुड़े हैं। दोनों को प्रतिमाह 12-12 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस तरह इस पहल से दो ग्रामीणों को कुल 24 हजार रुपये का नियमित मासिक रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
मॉडल डेयरी से आसपास के बाजार को स्थानीय स्तर पर ताजा दूध भी मिल रहा है। सीमित संख्या में गायों के बावजूद उत्पादन और रोजगार के ये आंकड़े बताते हैं कि संस्थागत सहायता और ग्रामीण भागीदारी के साथ गांव में आजीविका का साधन विकसित किया जा सकता है।
लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार के अनुसार, सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ऐसी पहलों को प्रोत्साहित करने और उनका विस्तार करने की बात कही है।