लातेहार सदर प्रखंड की तरवाडीह पंचायत के गुरगु गांव में भारी बारिश के बाद बर बांध का एक हिस्सा टूट गया। इससे तेज बहाव के साथ पानी और बालू आसपास के खेतों में पहुंच गया। स्थानीय किसानों और मौके पर पहुंचे प्रखंड उप प्रमुख के आकलन के अनुसार, 100 एकड़ से अधिक भूमि पर लगी धान की फसल प्रभावित हुई है।
बर बांध गांव के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन था। इसके नीचे स्थित खेतों में इसी बांध से पानी पहुंचता था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद बांध में पानी का दबाव बढ़ा और उसका एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। इसके बाद बहाव अपने साथ बालू भी खेतों तक ले गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध से निकला पानी और बालू करीब दो किलोमीटर दूर तक के खेतों में पहुंचा। कई खेतों में बालू जमा होने के कारण केवल मौजूदा धान की फसल को ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि आगे खेती करने में भी कठिनाई आने की आशंका जताई जा रही है। नुकसान का आधिकारिक सर्वे अभी सामने नहीं आया है।
स्थानीय किसान बिंदेश्वर यादव के अनुसार, ग्रामीण रबी और खरीफ—दोनों मौसम की खेती के लिए इस बांध पर निर्भर रहते थे। किसान दीपक यादव और गुना यादव ने भी खेतों में बालू भरने तथा बड़े क्षेत्र की फसल बर्बाद होने की जानकारी दी। किसानों के ये दावे प्रशासनिक आकलन के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगे।
घटना की सूचना मिलने पर लातेहार सदर प्रखंड के उप प्रमुख राजकुमार प्रसाद ने गांव पहुंचकर स्थिति देखी। उन्होंने कम से कम 100 एकड़ भूमि में लगी धान की फसल नष्ट होने का अनुमान जताया और कहा कि खेतों में बालू जमा होने से जमीन को भी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है।
उप प्रमुख ने प्रभावित किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने का प्रयास करने की बात कही है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता पंकज तिवारी ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर मुआवजे का आश्वासन दिया। फिलहाल रिपोर्ट में प्रशासन की ओर से नुकसान के अंतिम आकलन, राहत राशि की मंजूरी या बांध की मरम्मत की समयसीमा का उल्लेख नहीं है।