हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड में 35 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से पिपचो, चिरुवां और आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। हाथियों को आबादी से दूर सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर मोड़ने के लिए वन विभाग की दो टीमें इलाके में तैनात की गई हैं। विभाग ने अपनी प्राथमिकता जनहानि रोकने और हाथियों को नुकसान पहुंचाए बिना उनका मार्ग बदलने की बताई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड बगोदर और टाटीझरिया के रास्ते दारूडीह तथा पिपचो के जंगलों से होते हुए दारू प्रखंड के पिपचो और चिरुवां क्षेत्र में पहुंचा है। इतने बड़े झुंड की मौजूदगी के कारण आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
झुंड के इलाके में आने से पहले 31 अक्टूबर की रात उससे अलग हुए एक हाथी ने पिपचो और चिरुवां गांवों में कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। पिपचो के देवी मंडप परिसर में लगा चापाकल उखाड़ दिया गया। स्थानीय निवासी महेश राम के घर और पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के मुख्य दरवाजे को भी क्षति पहुंची है।
चिरुवां गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़वार इरगा में भी नुकसान दर्ज किया गया। अगली सुबह विद्यालय खोले जाने पर कार्यालय और कक्षाओं की खिड़कियां टूटी मिलीं। कमरों में रखी शैक्षणिक तथा अन्य जरूरी सामग्री भी क्षतिग्रस्त पाई गई।
वनपाल मुकेश कुमार के अनुसार, वन विभाग की दोनों टीमें हाथियों को घने जंगल की दिशा में ले जाने का प्रयास कर रही हैं। इस दौरान विभाग का ध्यान इस बात पर है कि न तो ग्रामीणों को नुकसान पहुंचे और न ही हाथियों को किसी तरह की क्षति हो।
स्थानीय ग्रामीणों ने संवेदनशील गांवों में लगातार गश्त की मांग की है। हाथियों के झुंड की गतिविधियों को देखते हुए पिपचो, चिरुवां और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल विभागीय दल झुंड को रिहाइशी इलाकों से दूर करने की कार्रवाई में जुटे हैं।