लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में नंगे बिजली तार की चपेट में आने से एक वयस्क जंगली हाथी की मौत हो गई। घटना झाबर पंचायत के कोमर गांव स्थित कुसीटोला की है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हाथी का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 15 से 16 हाथियों का झुंड गांव के आसपास पहुंचा था। इसी दौरान झुंड का एक हाथी बिजली प्रवाहित नंगे तार के संपर्क में आ गया और उसकी मौके पर मौत हो गई। गांव पहुंचे हाथी भगाओ दल के सदस्यों की नजर बाद में मृत हाथी पर पड़ी।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि एक ग्रामीण ने अपने घर के आसपास नंगे बिजली तार का जाल बिछाकर उसमें करंट प्रवाहित किया था। उनका कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले हाथियों ने संबंधित ग्रामीण का घर क्षतिग्रस्त कर वहां रखा अनाज खा लिया था। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और वन विभाग ने किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं की है।
वन समिति के अध्यक्ष सुनील उरांव के अनुसार, हाथियों का झुंड कई दिनों से कोमर और आसपास के गांवों में घूम रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने इलाके में फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। एक ग्रामीण की लगभग पांच एकड़ में लगी सब्जी की फसल नष्ट होने की बात सामने आई है। प्रभावित लोगों ने नुकसान के अनुरूप मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत भी की है।
वनरक्षी कैलाश कुमार ने बताया कि मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत की परिस्थितियों और बिजली तार लगाए जाने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
वन विभाग के उपलब्ध विवरण के अनुसार, बालूमाथ क्षेत्र में इससे पहले 2022 में रेन्ची जंगल और 2023 में गणेशपुर के बघौता में भी हाथियों की मौत हुई थी। हालांकि, इस क्षेत्र में बिजली के करंट से हाथी की मौत का यह पहला बताया गया मामला है।