रांची जिले के खलारी कोयलांचल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश का असर सब्जी बाजार पर दिखाई दे रहा है। स्थानीय बाजार में कई सब्जियों की कीमत तीन से चार गुना तक बढ़ गई है। कभी 10 रुपये प्रति किलो बिकने वाली भिंडी अब 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। अचानक आई इस तेजी से खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।
बाजार में टमाटर 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। लहसुन और अदरक की कीमत 150-150 रुपये प्रति किलो बताई गई है। हरी सब्जियों में फरसबीन और शिमला मिर्च 100-100 रुपये, जबकि फूलगोभी 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। धनिया पत्ती की कीमत सबसे अधिक 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
अन्य सब्जियों के दाम भी सामान्य स्तर से ऊपर हैं। बैंगन और करेला 60-60 रुपये, परवल 50 से 60 रुपये, झींगी 60 रुपये और नेनुआ 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पत्तागोभी, कद्दू, मूली और कुंदरी की कीमत 40 रुपये प्रति किलो है, जबकि कच्चू 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
महंगी सब्जियों के कारण परिवारों को खरीदारी की मात्रा घटानी पड़ रही है। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, अब बाजार जाने से पहले खर्च की योजना बनानी पड़ती है और जरूरत के अनुसार ही सब्जियां खरीदी जा रही हैं। रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं के एक साथ महंगा होने से मासिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
दूसरी ओर, बढ़ी कीमतों से कुछ किसानों को राहत भी मिली है। बमने के एक किसान के मुताबिक, पहले टमाटर के खरीदार नहीं मिल रहे थे, लेकिन अब बेहतर भाव मिल रहा है। पुरानी राय के एक किसान ने बताया कि बारिश से भिंडी की फसल को नुकसान हुआ, फिर भी बाजार में बढ़ी कीमत से नुकसान की कुछ भरपाई हो रही है।
इस तरह बारिश का प्रभाव उपभोक्ताओं और उत्पादकों पर अलग-अलग पड़ा है। खरीदार जहां सीमित बजट में सब्जियों का चुनाव कर रहे हैं, वहीं फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों को ऊंची बाजार कीमत से आंशिक सहारा मिला है। फिलहाल खलारी के बाजार में कई प्रमुख सब्जियों की महंगाई ने दैनिक खरीदारी को प्रभावित कर रखा है।