रांची में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती के आह्वान पर हुए इस आयोजन के तहत शहर के कई विद्यालयों और संगठन के प्रांत कार्यालय में लोगों ने एक साथ गीत का गायन किया। कार्यक्रम के लिए “एक आवाज, एक संकल्प, एक भारत” संदेश निर्धारित किया गया था।
आयोजकों के अनुसार सामूहिक गायन सुबह 11 बजे शुरू हुआ। झारखंड में इसके लिए 1,265 स्थान चिह्नित किए गए थे। संगठन के प्रांत सचिव नकुल शर्मा ने दावा किया कि राज्य में तीन लाख 198 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद तय स्थानों पर आयोजन हुए।
रांची में हिनू स्थित प्रांत कार्यालय के अलावा धुर्वा, कुदलूम, मोरहाबादी और चुटिया के सरस्वती विद्या मंदिरों में कार्यक्रम हुए। विवेकानंद विद्या मंदिर, ब्रिजफोर्ड और कई अन्य निजी विद्यालयों की भागीदारी की जानकारी भी दी गई। शहर का मुख्य कार्यक्रम मोरहाबादी स्थित विद्यालय में आयोजित किया गया।
हिनू के प्रांत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुबोध कुमार ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास की जानकारी दी। संगठन के अखिल भारतीय सचिव ब्रह्माजी राव कुदलूम स्थित विद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, पूर्व छात्र, अभिभावक और आम लोगों ने भी सामूहिक गायन में भाग लिया।
राष्ट्रीय स्तर पर विद्या भारती के महामंत्री देशराज शर्मा ने देर शाम तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 17 हजार से अधिक स्थानों पर आयोजन और 75 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि निजी विद्यालयों से सूचनाएं मिलने के बाद आयोजन स्थलों की संख्या बढ़ सकती है।
संगठन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका से परिचित कराना था। आयोजकों के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ पूरा गीत गाने के इस कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से प्रमाणपत्र भी मिला है।