जमशेदपुर में विजयादशमी के दिन सरकारी विद्यालय खुले रहे, लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम दर्ज की गई। जिले के 1,534 सरकारी स्कूलों में शिक्षक पहुंचे और मिड डे मील की व्यवस्था भी की गई थी। अधिकांश बच्चों के अनुपस्थित रहने के कारण उनके लिए तैयार भोजन का उपयोग नहीं हो सका।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, करीब 10 हजार बच्चों के लिए तैयार मिड डे मील के बर्बाद होने की स्थिति बनी। जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी ने भी विद्यालयों में बच्चों की संख्या काफी कम रहने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि भोजन तय समय पर पहुंचा था, लेकिन कम उपस्थिति के कारण उसका कुछ हिस्सा बर्बाद हुआ।
शहर के अलग-अलग विद्यालयों में भी ऐसी ही तस्वीर दिखी। सीतारामडेरा के आदिवासी प्लस टू हाईस्कूल में केवल दो छात्राएं पहुंचीं। काशीडीह के राजकीय आयुर्वेदिक मध्य विद्यालय में सुबह 10:50 बजे तक 20 विद्यार्थी उपस्थित थे, जबकि भालूबासा के हरिजन हाईस्कूल में कोई विद्यार्थी नहीं आया। हालांकि शिक्षक विद्यालयों में मौजूद रहे।
अवकाश तालिका और विजयादशमी की वास्तविक तारीख के बीच अंतर को इस स्थिति की प्रमुख पृष्ठभूमि बताया गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 24 दिसंबर 2025 को जारी तालिका में 20 अक्टूबर को महानवमी या विजयादशमी का अवकाश दर्ज था, जबकि वर्ष 2026 में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई गई। पूर्वी सिंहभूम में उस दिन अलग से छुट्टी घोषित नहीं की गई।
इसके विपरीत पड़ोसी सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में 21 अक्टूबर को विद्यालय बंद रखे गए थे। स्थानीय पर्व और परिस्थितियों को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से छुट्टी देने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक होती है।
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की पूर्वी सिंहभूम इकाई ने 10 अक्टूबर को जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन देकर 21 अक्टूबर को अवकाश घोषित करने की मांग की थी। संघ ने क्षतिपूर्ति अवकाश समायोजित करने का सुझाव भी दिया था। समय पर निर्णय नहीं होने से विद्यालय तो खुले, लेकिन कक्षाओं में बच्चों की मौजूदगी सामान्य दिनों की तुलना में बहुत कम रही।