साहिबगंज जिले में मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यार्थियों की उपस्थिति रिपोर्ट भेजने में कमी को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। सितंबर 2026 के दौरान निर्धारित एसएमएस कम भेजने वाले 18 सरकारी विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को संतोषजनक कारण के साथ 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में कार्रवाई का आधार झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, रांची की रिपोर्ट को बताया गया है। इस रिपोर्ट में साहिबगंज के कई विद्यालयों से सितंबर में विद्यार्थियों की उपस्थिति संबंधी एसएमएस अपेक्षित संख्या में नहीं भेजे जाने की बात सामने आई। विभाग ने इस कमी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विद्यालयों से जवाब तलब किया है।
चिह्नित विद्यालय जिले के पांच प्रखंडों में स्थित हैं। इनमें बरहेट प्रखंड के 11 विद्यालय शामिल हैं, जो सूची में सबसे अधिक हैं। पतना, तालझारी और उधवा प्रखंड के दो-दो विद्यालयों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। बोरियो प्रखंड के गोंडा पहाड़ स्थित एनपीएस गोंडा पहाड़ विद्यालय का नाम भी सूची में दर्ज है।
पत्र में प्रधानाध्यापकों को अपनी ओर से हुई कमी का स्पष्ट कारण निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह निर्देश मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी उपस्थिति सूचना को नियमित रूप से दर्ज और प्रेषित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुपालन से संबंधित है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में किसी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध वेतन रोकने की कार्रवाई किए जाने की जानकारी नहीं है।
हालांकि जिला शिक्षा अधीक्षक ने आगे की लापरवाही पर संभावित कार्रवाई की चेतावनी दी है। निर्देश के अनुसार अक्टूबर 2026 में भी उपस्थिति संबंधी एसएमएस भेजने में कोताही सामने आने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन या मानदेय स्थगित किया जा सकता है। मौजूदा चरण में 18 विद्यालयों से मांगे गए जवाब के आधार पर विभाग आगे की स्थिति पर विचार करेगा।