जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी ग्रुप सी मुकाबले के पहले दिन झारखंड ने पांच विकेट खोकर 289 रन बनाए। चार दिवसीय मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम को शिखर मोहन के शतक और उत्कर्ष सिंह के अर्धशतक ने मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। दिन का खेल समाप्त होने तक 90 ओवर पूरे हो चुके थे।
झारखंड की पारी में शिखर मोहन ने सर्वाधिक 143 रन बनाए। उन्होंने 196 गेंदों का सामना करते हुए 18 चौके और दो छक्के लगाए। उनकी पारी ने शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभाला और बड़े स्कोर की नींव रखी। शिखर ने लंबी पारी खेलने के साथ दूसरे छोर के बल्लेबाजों के साथ साझेदारियां भी आगे बढ़ाईं।
उत्कर्ष सिंह ने उनका साथ देते हुए 147 गेंदों में 71 रन बनाए। उनकी पारी में नौ चौके शामिल रहे। शिखर और उत्कर्ष के योगदान से झारखंड ने दिन के अधिकांश हिस्से में अपनी पारी को स्थिर रखा। शरनदीप सिंह ने भी 33 रन जोड़कर टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया।
पहले दिन स्टंप्स के समय कप्तान विराट सिंह 12 रन और आदित्य सिंह पांच रन बनाकर नाबाद थे। झारखंड के पांच विकेट शेष हैं, इसलिए दूसरे दिन इन दोनों बल्लेबाजों के सामने पहली पारी का स्कोर आगे बढ़ाने का अवसर रहेगा। टीम ने शुरुआती दिन में रन जुटाने के साथ विकेट बचाए रखने में भी सफलता पाई।
केरल की ओर से वैशाख चंद्रन ने तीन विकेट हासिल किए और पहले दिन के सबसे सफल गेंदबाज रहे। जलज सक्सेना ने दो बल्लेबाजों को आउट किया। इन दोनों ने झारखंड की पारी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया, लेकिन शिखर की शतकीय पारी और उत्कर्ष के अर्धशतक के कारण मेजबान टीम 289 रन तक पहुंचने में सफल रही।
मुकाबले का उद्घाटन टाटा स्टील के उपाध्यक्ष सीएस सुंदर रम्मन ने किया। इस अवसर पर झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव सौरभ तिवारी और टाटा स्टील के खेल प्रमुख मुकुल विनायक चौधरी भी मौजूद थे। पहले दिन के स्कोर के बाद अब झारखंड की कोशिश शेष बल्लेबाजों के सहारे केरल के सामने चुनौतीपूर्ण पहली पारी का लक्ष्य खड़ा करने की होगी।