रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और आईPE ग्लोबल लिमिटेड ने सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को करियर और रोजगार के अवसरों की जानकारी देने की योजना है।
समझौते का उद्देश्य स्कूली पढ़ाई को रोजगार से जुड़ी व्यावहारिक समझ के साथ जोड़ना है। विद्यार्थियों को अलग-अलग कार्य क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध करियर विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम में उनके कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस साझेदारी के माध्यम से झारखंड के उद्योगों को कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी है। इससे विद्यार्थियों को कार्यस्थलों को करीब से समझने, वहां होने वाले काम का अनुभव लेने और रोजगार की वास्तविक जरूरतों से परिचित होने का अवसर मिल सकेगा।
योजना में विद्यार्थियों के लिए कार्यस्थल आधारित अनुभव और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य केवल विभिन्न पेशों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता करना है कि कक्षा में सीखी गई बातों का कामकाजी दुनिया में किस प्रकार उपयोग होता है।
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने समझौते के अवसर पर कहा कि व्यावसायिक शिक्षा की सफलता के लिए कक्षा की पढ़ाई को कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ना जरूरी है। प्रस्तावित कार्यक्रम इसी सोच के आधार पर विद्यार्थियों को उद्योगों और करियर के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराएगा।
नई व्यवस्था सरकारी स्कूलों के उच्च कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े विकल्प समझने में मदद कर सकती है। समझौते में किसी खास स्कूल, प्रशिक्षण अवधि या कार्यक्रम शुरू होने की तारीख का उल्लेख उपलब्ध विवरण में नहीं किया गया है।