सरायकेला के एनआर प्लस टू उच्च विद्यालय में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह के निर्देशन में हुए आयोजन का उद्देश्य युवाओं तक तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से बचने का संदेश पहुंचाना तथा तंबाकू मुक्त झारखंड के संकल्प को आगे बढ़ाना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से आसपास के लोगों से तंबाकू और नशे से दूरी बनाने की अपील की गई। शिक्षकों और विद्यार्थियों को तंबाकू समेत अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई। नशामुक्ति से जुड़े संदेशों वाले हैंडबिल वितरित किए गए।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने मुंह के कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे का उल्लेख करते हुए कहा कि तंबाकू से जुड़ी बीमारी के लक्षणों की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में नशामुक्ति सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया।
छात्र-छात्राओं को तंबाकू नियंत्रण कानून कोटपा 2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में बताया गया। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरायकेला-खरसावां के सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तंबाकू नशामुक्ति केंद्र की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई, जहां परामर्श और सहायता ली जा सकती है।
आयोजन में जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामड, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला परामर्शी सह गैर-संचारी रोग नोडल पदाधिकारी अशोक यादव, डीपीए सरायकेला, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वस्थ जीवन चुनने और तंबाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी परिवार तथा समाज तक पहुंचाने पर बल दिया गया।
यह विशेष अभियान 28 अक्टूबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक दो महीने चलाया जाना है। अभियान के दौरान स्कूलों और कॉलेजों के युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विद्यालय स्तर की गतिविधियों के जरिए स्वास्थ्य जोखिम, कानून और सहायता सेवाओं की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने की योजना है।