सरायकेला के प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 23 और 24 नवंबर को दो दिवसीय धार्मिक उत्सव आयोजित किया जाएगा। श्री जगन्नाथ सेवा समिति ने कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोजन में भजन, कथा-प्रवचन और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे।
पहले दिन 23 नवंबर को शाम पांच बजे से मंदिर परिसर में भजन संध्या और कथा-प्रवचन होगा। समिति के अनुसार, कार्यक्रम को विशेष स्वरूप देने के लिए ओडिशा के कलाकारों तथा कथा-प्रवचन से जुड़ी एक टीम को आमंत्रित किया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य दिन 24 नवंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक धार्मिक कार्यक्रम चलेंगे। सभी निर्धारित अनुष्ठानों के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद के वितरण और सेवन की व्यवस्था करने की योजना है।
पूर्णिमा की सुबह श्री जगन्नाथ मंदिर घाट पर परंपरागत कार्तिक स्नान भी कराया जाएगा। इसके साथ ओडिशा की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े बोईतो बंदनी उत्सव का आयोजन होगा। समिति ने इसे दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया है।
तैयारियों की समीक्षा के लिए समिति अध्यक्ष लिपू मोहंती की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने, श्रद्धालुओं की सुविधा बनाए रखने तथा सदस्यों के बीच तैयारियों की जिम्मेदारी और सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में समिति के पूर्व अध्यक्ष राजा सिंहदेव, सचिव शंकर सतपति, मंदिर के पुजारी ब्रह्मदेव महापात्र और कलाकार जयराज दास सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।