सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम ने कुचाई तथा चांडिल थाना क्षेत्रों के जंगलों से हथियार, 317 जिंदा कारतूस और एक आईईडी बरामद किया है। सूचना मिलने के बाद पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, यह तलाशी पहले गिरफ्तार किए गए दो माओवादी आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की गई। आरोपियों की पहचान रघु सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार बिरेन सिंह और मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया के रूप में बताई गई है। अदालत से रिमांड मिलने के बाद दोनों से पूछताछ की गई थी।
पुलिस का कहना है कि रघु सिंह सरदार भाकपा माओवादी की रीजनल कमेटी और पश्चिम बंगाल-झारखंड-ओडिशा सीमा कमेटी का सक्रिय सदस्य रहा है। वहीं, करीब 26 वर्षीय मीना पहाड़िया को संगठन में सब-जोनल कमांडर के रूप में सक्रिय बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के बलरामपुर थाने में कई मामले दर्ज हैं।
पूछताछ से मिली सूचना के बाद संयुक्त टीम ने कुचाई थाना क्षेत्र के सिकरम्बा जंगल और चांडिल के आसनबनी गांव के ऊपर स्थित दलमा जंगल में सघन खोज अभियान चलाया। तलाशी में दो .303 राइफल, एक देसी पिस्टल, एक 5.56 एमएम इंसास राइफल और एक 7.62 एमएम एसएलआर मिलने की जानकारी दी गई है।
बरामद सामान में एसएलआर की तीन, इंसास की चार, .303 राइफल की तीन और 9 एमएम पिस्टल की दो मैगजीन भी शामिल हैं। कारतूसों में 7.62 एमएम के 171, 5.56 एमएम के 126, 9 एमएम के 12 और .303 के आठ कारतूस बताए गए हैं। जंगल में छिपाकर रखा गया एक आईईडी और डिटोनेटर भी मिला।
अभियान में सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस और एसएसबी की 26वीं वाहिनी, रांची के जवान शामिल रहे। कुचाई, चांडिल, नीमडीह और सरायकेला थानों की पुलिस ने भी तलाशी में भाग लिया। बरामदगी के संबंध में दी गई जानकारियां पुलिस के आधिकारिक विवरण पर आधारित हैं।