सरायकेला नगर पंचायत में तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज करीब 40 सफाई कर्मियों ने मंगलवार सुबह काम बंद कर दिया। हड़ताल के कारण दुर्गा पूजा के बीच नगर क्षेत्र की सफाई और कचरा उठाव प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। हालांकि, नगर पंचायत उपाध्यक्ष से बातचीत और भुगतान के आश्वासन के बाद करीब डेढ़ घंटे में आंदोलन समाप्त हो गया।
सफाई कर्मियों ने सुबह करीब 6:30 बजे हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना था कि तीन महीने से पारिश्रमिक लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महाअष्टमी और महानवमी के समय भी भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर उन्होंने काम रोकने का निर्णय लिया।
सफाई कार्य बंद होने की जानकारी मिलने पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे कर्मियों से बातचीत की और उनकी मांगों की जानकारी ली। कर्मियों के सामने लंबित मानदेय के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया।
उपाध्यक्ष ने अगले दो दिनों के भीतर बकाया पारिश्रमिक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि तय अवधि में भुगतान नहीं होने की स्थिति में वह सफाई कर्मियों के समर्थन में खड़े रहेंगे। इस भरोसे के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने पर सहमति जताई।
करीब डेढ़ घंटे बाद सफाई कर्मी दोबारा काम पर लौट गए। इसके साथ ही नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई और कचरा उठाने का काम फिर सामान्य रूप से शुरू हो गया। त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था लंबे समय तक बाधित नहीं होने से नगर क्षेत्र में उत्पन्न तत्काल संकट टल गया।
फिलहाल सफाई कर्मियों की निगाह अगले दो दिनों में होने वाले भुगतान पर है। आश्वासन के अनुसार मानदेय जारी होने पर तीन महीने से लंबित पारिश्रमिक का मामला सुलझ सकता है। भुगतान की वास्तविक स्थिति निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।