108 एंबुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और ओवरटाइम समेत लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं। संघ ने 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।

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रांची में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी

झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने वेतन और अन्य लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर को एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल और 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।

संघ के अनुसार, आंदोलन के पहले चरण में कर्मचारी 6 से 9 अक्टूबर तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को कैंडल मार्च, 12 अक्टूबर को भिक्षाटन और 14 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवधि में एंबुलेंस कर्मचारी अपनी सेवाएं जारी रखते हुए मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।

रांची के धुर्वा में हुई संघ की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने की और संचालन प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक केवल आश्वासन मिला है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

कर्मचारियों की मांगों में वेतन कटौती रोकना, समय पर वेतन भुगतान, ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा, ओवरटाइम का भुगतान, ग्रेच्युटी तथा न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना शामिल है। संघ ने 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सरकारी स्तर पर करने और कर्मचारियों का वेतन सिविल सर्जन के माध्यम से दिलाने की मांग भी रखी है।

संघ का कहना है कि 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिन का समय दिया गया था। संघ के मुताबिक यह अवधि बीतने के बाद भी मांगों पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। संगठन ने सम्मान फाउंडेशन द्वारा हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली और सभी कर्मियों को श्रम कानूनों के तहत वैधानिक अधिकार देने की मांग की है।

घोषित कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को कर्मचारी राज्यभर में एक दिन की पूर्ण हड़ताल करेंगे और नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के सामने धरना देंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 21 अक्टूबर से आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा। इससे आवश्यक एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित आंदोलन पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।