सरायकेला में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने 66 वर्षीय मिथिलेश कुमार तिवारी को चार साल की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने दोषी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला आरआईटी थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
उपलब्ध अदालती विवरण के अनुसार, एक धारा के तहत सुनाई गई चार साल की सजा के साथ जुर्माना नहीं चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने दूसरी धारा के तहत दो साल की सजा और एक हजार रुपये का अलग जुर्माना भी निर्धारित किया है।
दूसरे जुर्माने का भुगतान नहीं करने की स्थिति में भी एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। अदालत के आदेश के मुताबिक, चार साल और दो साल की दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। इस कारण मुख्य कारावास अवधि चार साल रहेगी।
मामले में दर्ज विवरण के मुताबिक घटना 26 अप्रैल 2024 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। उस समय 15 वर्षीय लड़की अपने घर के पास रोज की तरह फूल तोड़ने गई थी। आरोप था कि वहां मौजूद व्यक्ति ने उसे अकेला देखकर गलत नीयत से छुआ और उसके साथ छेड़छाड़ की।
पीड़िता ने अपने बयान में यह भी बताया था कि संबंधित व्यक्ति ने इससे पहले भी कई बार उसके साथ ऐसी हरकत करने की कोशिश की थी। अदालत ने मामले में प्रस्तुत सामग्री पर सुनवाई के बाद सजा और जुर्माने का आदेश दिया। नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।