पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों ने जमीन के भीतर छिपाए गए दो आईईडी बरामद किए हैं। छोटानागरा थाना क्षेत्र में मिले दोनों विस्फोटकों को सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियंत्रित विस्फोट कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्तूबर को सीआरपीएफ की 193वीं बटालियन, छोटानागरा थाना पुलिस और झारखंड पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया था। अभियान में छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार भी शामिल थे।
तलाशी के दौरान बहदा गांव के निकट कोयना नदी के पास एक पगडंडी पर संदिग्ध स्थिति का पता चला। सावधानी से की गई जांच में जमीन के भीतर गहराई में छिपाकर रखे गए दो विस्फोटक मिले। इसके बाद आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दोनों आईईडी को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि विस्फोटक सुरक्षाबलों की गश्ती टीम को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए होंगे। हालांकि, इनके लगाए जाने के समय और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के संबंध में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जंगल की पगडंडियों पर छिपे विस्फोटक सुरक्षाकर्मियों के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। सारंडा के ग्रामीण वनोपज एकत्र करने और मवेशियों के साथ ऐसे रास्तों से गुजरते हैं। वन्यजीवों के भी इसकी चपेट में आने का जोखिम रहता है।
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने जंगल से दो आईईडी मिलने और उन्हें नियंत्रित विस्फोट से नष्ट किए जाने की पुष्टि की है। सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा अभियान जारी रहने के बीच पहले से छिपाए गए विस्फोटकों की तलाश भी सुरक्षाबलों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।