झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहे माओवादी दस्ते से जुड़े दो इनामी सदस्यों को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए लोगों की पहचान मंगल सिंह सरदार और उसकी पत्नी माल्ती के रूप में हुई है। दोनों की गिरफ्तारी पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी इलाके में की गई।
रिपोर्ट में मंगल सिंह सरदार को माओवादी संगठन का सब जोनल कमांडर बताया गया है। उसके अन्य नाम मंगल महतो, समीर और पांडेय भी बताए गए हैं। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र स्थित बिदरी का रहने वाला बताया गया है।
माल्ती भी बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र की निवासी बताई गई है और उस पर दो लाख रुपये का इनाम था। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मंगल और माल्ती के विरुद्ध झारखंड के अलग-अलग थानों में 11-11 मामले दर्ज हैं। ये मामले आरोप हैं और इनके संबंध में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड में सुरक्षा बलों की कार्रवाई बढ़ने के बाद दोनों पश्चिम बंगाल चले गए थे और वहां छिपकर रह रहे थे। सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दोनों को पकड़ा। गिरफ्तारी किन धाराओं या किस मामले में की गई, इसका विवरण उपलब्ध सूचना में नहीं दिया गया है।
अब झारखंड पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी में है। टीम दोनों से झारखंड में कथित रूप से छिपाकर रखे गए हथियारों और कारतूसों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। दस्ते में अन्य सदस्यों की मौजूदगी और उसके नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल किए जाने की बात कही गई है।
इससे पहले इसी दस्ते से जुड़े असीम मंडल को 17 सितंबर को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उसके साथ अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी रिपोर्ट हुई थी। ताजा कार्रवाई के बाद दस्ते के निष्क्रिय होने का दावा किया गया है, हालांकि आगे की जांच और पूछताछ से ही संगठन के बचे हुए नेटवर्क की स्थिति स्पष्ट होगी।