देवघर जिले के सारठ अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को ग्राम प्रधान मूल रैयत संघ की मासिक बैठक हुई। बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपने अधिकारों में कथित कटौती और अगस्त 2026 तक प्रोत्साहन राशि लंबित रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रशासन से बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की।
ग्राम प्रधानों का कहना था कि प्रोत्साहन राशि लंबे समय से नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक कठिनाई बढ़ गई है। बैठक में प्रधानों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि भुगतान में और देरी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में लंबित राशि की कुल रकम या भुगतान की प्रस्तावित तारीख नहीं बताई गई है।
बैठक में अंचल कार्यालय परिसर के भीतर ग्राम प्रधानों के लिए अलग कमरा या भवन नहीं होने की समस्या भी रखी गई। प्रधानों के अनुसार, कार्यालय आने पर उन्हें बैठने और सामूहिक बैठक करने में परेशानी होती है। उन्होंने परिसर में एक सभा भवन बनवाने की मांग की, ताकि नियमित बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके।
सरकारी गौचर और गैरमजरूआ जमीन पर कथित अवैध कब्जे का विषय भी चर्चा में रहा। ग्राम प्रधानों ने कहा कि शिकायत देने के बाद भी अंचल कार्यालय की ओर से कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग की। बैठक के दौरान इन शिकायतों पर प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या समयसीमा की जानकारी सामने नहीं आई।
प्रधानों ने यह मांग भी रखी कि उनकी बैठकों में प्रखंड और अंचल के कर्मचारी उपस्थित रहें, जिससे स्थानीय समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सके। बैठक में अंचल निरीक्षक बिभाष कुमार, संघ अध्यक्ष जय मोहन तिवारी और विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान शामिल हुए। बैठक में उठे विषय अब भुगतान, भवन और जमीन से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासनिक पहल की प्रतीक्षा में हैं।