मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के देवघर दौरे की तैयारी, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा

व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रस्तावित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर के लिए न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतिम तैयारियों का संयुक्त निरीक्षण किया।

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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के देवघर दौरे को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रविवार को न्यायिक और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था तथा यातायात से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।

निरीक्षण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर शामिल रहे। अधिकारियों ने परिसर में चल रहे कार्यों का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को शेष व्यवस्थाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश के आगमन के अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर में स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज-कम-इम्पॉवरमेंट कैंप आयोजित किया जाना है। उपायुक्त ने शिविर की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयोजन को व्यवस्थित और गरिमापूर्ण बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियां पूरी करने को कहा।

समीक्षा के दौरान कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने आयोजन के समय पुलिस बल की प्रस्तावित तैनाती की रूपरेखा से अधिकारियों को अवगत कराया। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से चिह्नित संवेदनशील बिंदुओं और वहां की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की गई।

मुख्य न्यायाधीश के दौरे के दौरान शहर में यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष रूट चार्ट भी तैयार किया गया है। पुलिस प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान इस योजना की जानकारी दी। प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा का केंद्र कार्यक्रम स्थल के लंबित काम, सुरक्षा मानकों का पालन और अलग-अलग विभागों के बीच प्रभावी तालमेल रहा।