साहिबगंज जिले के विभिन्न चर्चों में रविवार को संत मोनिका पर्व मनाया गया। साहिबगंज शहर के घाट रोड स्थित कैथोलिक चर्च, बरहेट के कुंडली पारिश और पतना के सीतापहाड़ कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थना, मिस्सा पूजा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में शहर और आसपास के क्षेत्रों से मसीही समुदाय के लोग शामिल हुए।
यह पर्व संत ऑगस्टीन की माता संत मोनिका की स्मृति में मनाया जाता है। आयोजनों में वक्ताओं ने उनके जीवन, पारिवारिक संघर्षों के बीच धैर्य और समाज के प्रति सेवा की भावना पर प्रकाश डाला। घाट रोड के चर्च में फादर मथियस हेम्ब्रम ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संत मोनिका ने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपने परिवार को सही मार्ग पर लाने का प्रयास किया।
बरहेट के कुंडली पारिश में अलग-अलग गिरजा केंद्रों से करीब 250 से 300 महिलाएं पहुंचीं। महिलाएं शनिवार को ही आयोजन स्थल पर आ गई थीं और रात में उनकी बैठक हुई। रविवार को मिस्सा पूजा के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। महिला संघ ने कार्यक्रमों का नेतृत्व किया, जबकि फादर इग्नेसियस टुडू और फादर सिलवेस्टर हांसदा ने मिस्सा पूजा संपन्न कराई।
कुंडली पारिश में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और समाज को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका पर भी चर्चा की गई। इस विषय पर जानकारी देने के लिए अनामिका हांसदा रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में उर्सलाइन और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सिस्टर्स के साथ स्थानीय मसीही विश्वासी भी शामिल हुए।
पतना के सीतापहाड़ कैथोलिक चर्च में महिला संघ ने पर्व का आयोजन किया। सुबह अलग-अलग रंगों के झंडे फहराने के बाद फादर पंकज कुजुर, फादर अजीत हेम्ब्रम, फादर एर्मेलियुस और अन्य धर्मगुरुओं ने संयुक्त रूप से मिस्सा पूजा की। इस दौरान बाइबल के दो पाठ भी किए गए।
सीतापहाड़ के कार्यक्रम में संत मोनिका के जीवन और परिवार में मां की भूमिका पर विचार रखे गए। मिस्सा पूजा के बाद मिडिल और हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिले के तीन स्थानों पर हुए आयोजनों में प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सेवा, पारिवारिक जिम्मेदारी तथा सामाजिक भागीदारी का संदेश प्रमुख रहा।