साहिबगंज जिले के छह और सरकारी विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की स्वीकृति मिली है। इन स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध कराने के बाद वहां सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई शुरू की जाएगी। नई स्वीकृति के साथ जिले में ऐसे विद्यालयों की कुल संख्या चार से बढ़कर दस हो जाएगी।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य में 100 नए विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। विभाग ने जिलों से संभावित विद्यालयों की सूची मांगी थी। साहिबगंज से भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा के बाद छह स्कूलों का चयन किया गया। राज्य में पहले से 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं।
चयन के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन, पोषक क्षेत्र, नामांकित विद्यार्थियों की संख्या तथा शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपलब्धता से संबंधित सूचनाओं पर विचार किया गया। विभाग ने जिलास्तर से मिली इन जानकारियों की समीक्षा करने के बाद साहिबगंज के प्रस्तावित विद्यालयों को स्वीकृति दी।
बरहरवा प्रखंड का अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल इस्लामपुर, बरहेट का अपग्रेडेड गवर्नमेंट आदर्श हाई स्कूल आदर्श, बोरियो का अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल सोतीचौकी पांगरो और मंडरो का अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल तेतरिया इस सूची में शामिल हैं। इन चारों विद्यालयों में कक्षा एक से दसवीं तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी।
इसके अलावा पतना प्रखंड के अपग्रेडेड प्लस टू गंगिया दामिन विसनपुर और राजमहल के प्लस टू जेके स्कूल राजमहल को भी योजना में जगह मिली है। इन दोनों विद्यालयों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई होगी। सभी छह संस्थानों के लिए सीबीएसई संबद्धता की प्रक्रिया कराई जानी है।
जिले में अभी चार मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय चल रहे हैं। छह नए विद्यालय जुड़ने के बाद इस श्रेणी के स्कूलों की संख्या दस हो जाएगी। विभागीय स्वीकृति में चयनित विद्यालयों की कक्षा-सीमा भी तय कर दी गई है, जिसके अनुरूप आगे शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।