साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड स्थित पुआल गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को अलग तरीके से विरोध दर्ज कराया। पांच टोलों के सैकड़ों ग्रामीण गांव की कीचड़ से भरी मुख्य सड़क पर उतरे और उसमें धान की रोपाई की। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन ने किया।
ग्रामीणों के अनुसार, पोआल मांझी टोला से उपर टोला तक करीब 1.7 किलोमीटर लंबा रास्ता कई वर्षों से कच्चा और जर्जर है। बारिश होने पर सड़क कीचड़ में बदल जाती है और लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीण इस मार्ग को पक्का कराने के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार मांग उठा रहे हैं।
सड़क की स्थिति का असर गांव की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान गर्भवती महिलाओं को खाट पर ले जाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। खराब रास्ते के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। पुआल पंचायत का यह क्षेत्र पहाड़िया आदिवासी बहुल है और ग्रामीण सड़क के साथ स्वास्थ्य तथा पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी भी बता रहे हैं।
धान रोपकर विरोध करने की चेतावनी के बाद प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों ने गांव का दौरा किया था। सोमवार को सदर एसडीओ अमर जॉन आईंद, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवी लाल हांसदा और प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव ने ग्रामीणों के साथ बातचीत की।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और 15 दिनों के भीतर काम शुरू करा दिया जाएगा। इसके बावजूद ग्रामीणों ने कहा कि योजना से संबंधित बोर्ड लगाए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे इस बार निर्माण की प्रक्रिया धरातल पर शुरू होते देखना चाहते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने सड़क के सवाल पर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी। प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद वह निर्णय वापस लिया गया, लेकिन सड़क की स्थिति नहीं बदली। ग्रामीणों ने कहा है कि इस बार भी केवल आश्वासन मिलने पर वे आंदोलन को और तेज करेंगे।