साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर आठ दिन बाद परिचालन बहाल, हावड़ा के लिए चली विशेष ट्रेन

गंगा के कटाव से प्रभावित साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद मंगलवार को विशेष ट्रेन चलाई गई। बुधवार से रद्द और मार्ग परिवर्तित ट्रेनों के नियमित समय पर चलने की घोषणा की गई है।

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साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर परिचालन बहाल होने के बाद गुजरती ट्रेन

साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर आठ दिनों से प्रभावित रेल परिचालन मंगलवार को फिर शुरू हो गया। दोपहर करीब एक बजे साहिबगंज से हावड़ा के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना की गई। यह ट्रेन बरहड़वा तक प्रत्येक स्टेशन पर रुकते हुए आगे हावड़ा जाएगी। इससे त्योहार के दौरान घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेष ट्रेन को डाउन रेलवे ट्रैक से गुजारा गया। इसी हिस्से में बीते आठ दिनों से मालगाड़ी खड़ी कर गंगा किनारे बोल्डर, स्लीपर और डस्ट डालने का काम किया जा रहा था। सोमवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य ने मौके पर पहुंचकर कटावरोधी कार्यों का जायजा लिया था।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सकरीगली और महाराजपुर के बीच गंगा के कटाव से प्रभावित ट्रैक को अब परिचालन के लिए सुरक्षित और फिट घोषित किया गया है। गंगा का जलस्तर 27.72 मीटर पर स्थिर बताया गया है। कटाव रुकने के बाद भी बचाव संबंधी काम धीरे-धीरे जारी रहेगा।

मालदा रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक की घोषणा के मुताबिक, बुधवार से रद्द और बदले हुए मार्ग से चल रही ट्रेनें अपने नियमित समय के अनुसार रवाना होंगी। सेवा बहाल होने से उन यात्रियों में उत्साह है जिन्हें ट्रेनों के रद्द रहने के कारण पर्व पर अपने घर पहुंचने को लेकर चिंता थी।

कटाव रोकने के अभियान में करीब पांच सौ मजदूरों ने तीन पालियों में काम किया। चार रेल मंडलों के कर्मचारियों को भी लगाया गया था। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, गंगा किनारे 182 वैगन पत्थर और 2,287 स्लीपर डाले गए।

रेल सेवा बाधित रहने के दौरान 16 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ 149 यात्री ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि 60 ट्रेनों के मार्ग बदले गए थे। पानी घटने के बाद कटाव की वास्तविक स्थिति का और स्पष्ट आकलन हो सकेगा। फिलहाल परिचालन की बहाली साहिबगंज और आसपास के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण राहत है।