साहिबगंज में गंगा का जलस्तर बीते 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर बढ़ने के बाद फिलहाल स्थिर बताया गया है। शुक्रवार को नदी उफान पर रही और शहर से लेकर दियारा क्षेत्र तक कई इलाकों में बाढ़ का पानी जमा रहा। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार सुबह जलस्तर 28.75 मीटर तक पहुंच सकता है।
शहर की भरतिया कॉलोनी, शास्त्री नगर, पुरानी साहिबगंज नया टोला, हरिपुर, हबीबपुर, अलीनगर और पाइप रोड सहित विभिन्न मोहल्लों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। रास्तों पर जमा जलकुंभी भी आवागमन में बाधा बन रही है। स्थानीय लोग इसे हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
एनडीआरएफ की टीम लगातार तीसरे दिन राहत और बचाव कार्य में लगी रही। टीम तथा जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। हालांकि, दियारा के कुछ निवासी अब भी अपने क्षेत्र में ही टिके हुए हैं और राहत शिविरों में जाने के इच्छुक नहीं बताए गए हैं।
लाल बथानी, मखमलपुर, हाजीपुर, किशन प्रसाद और बलुआ दियारा समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी बहने के कारण पैदल और बाइक से आना-जाना कठिन हो गया है। बलुआ दियारा से लाल बथानी तक निजी नावों का संचालन किया जा रहा है। भोजन, जरूरी सामान और रसोई गैस सिलेंडर भी नाव से पहुंचाए जा रहे हैं।
लंबे समय से जमा बाढ़ के पानी के बीच स्वच्छ पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। कई घरों के चापाकल और कुओं का पानी दूषित होने तथा दुर्गंध आने की शिकायत है। कुछ परिवार पीने का पानी खरीद रहे हैं, जबकि बीमारी फैलने की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की सेहत पर नजर रख रही है।
नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान और कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने प्रभावित वार्डों का निरीक्षण किया। नगर परिषद की ओर से राहत सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फॉगिंग कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने सदर प्रखंड के गोपालपुर दियारा, मकई टोला, घीसु टोला, बांसकोला और मसकलैया सहित प्रभावित क्षेत्रों में राहत वितरण जारी रखा है।