साहिबगंज शहर और जिले के विभिन्न हिस्सों में गणेश पूजा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई पूजा समितियां 15 सितंबर को प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू करेंगी, जबकि कुछ स्थानों पर मंगलवार दोपहर से ही प्रतिमा स्थापना और पूजन की तैयारी शुरू हो गई। तीज और चकचंदा के आयोजन के कारण भी जिले में धार्मिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
शहर में सकरूगढ़, पोखरिया, केलाबाड़ी धनगढसी, रामपुर दहला, गुल्ली भट्टा पांच मोड़, जड्डू मोड़ और सब्जी मंडी सहित कई जगहों पर पूजा पंडाल तैयार किए गए हैं। शहीद चौक-बघवा कुआं और कॉलेज रोड के एन क्लब के आसपास भी विशेष सजावट की गई है। पूजा समितियों ने प्रतिमाओं, विद्युत सज्जा और मेले की व्यवस्था पर ध्यान दिया है।
सकरूगढ़ नवीन कला मंदिर ने इस बार झारखंड की संस्कृति और पारंपरिक कला को अपने पंडाल की थीम बनाया है। कलाकार श्याम विश्वकर्मा ने इस सांस्कृतिक विषय को सजावट के माध्यम से रूप दिया है। स्थानीय पहचान पर केंद्रित यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बनने की उम्मीद है।
शांति नगर पोखरिया स्थित संगम संघ ने बर्फ से बनी गणेश प्रतिमा स्थापित की है। समिति से जुड़े संतोष कुमार और रोशन कुमार के अनुसार, श्रद्धालु शाम पांच बजे से रात तक इस प्रतिमा का दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष गणेश पूजा के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन भी होने से शहर में उत्सव का दायरा बढ़ गया है।
कई पूजा पंडालों की प्रतिमाओं का विसर्जन 18 सितंबर को निर्धारित है। पूजा और मेले में संभावित भीड़ को देखते हुए जिला तथा पुलिस प्रशासन ने निगरानी की व्यवस्था की है। भीड़ वाले बाजारों और मेला क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा टाइगर मोबाइल के गश्ती दल सक्रिय रहेंगे।
प्रमुख पूजा पंडालों और चौक-चौराहों के आसपास मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य दर्शन और मेला भ्रमण के दौरान व्यवस्था बनाए रखना है। अलग-अलग विषयों पर बने पंडाल, विशेष प्रतिमाएं और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुति इस बार साहिबगंज के गणेश उत्सव की मुख्य विशेषताएं हैं।